Waqt Shayari

Shayari on Waqt एक बार वक़्त निकल गया तो लौट कर नहीं आता।

Shayari on Waqt एक बार वक़्त निकल गया तो लौट कर नहीं आता

वक़्त को ज़्यादातर लोग Underestimate करते है, जानते है क्यों? क्यूंकि उन्हें लगता है हम शॉर्टकट से अपनी मंज़िल पा लेंगे लेकिन दोस्तों खासकर युवा जान हमेशा ध्यान रखो कि एक बार वक़्त निकल गया तो लौट कर नहीं आता. वक़्त का मतलब है अब….

Shayari on Waqt

जो करना है वो करो अब…

प्यार का इज़हार करना है तो करो अब….

दोस्ती के लिए हाथ बढ़ाना है तो करो अब…

माँ बाप के लिए कुछ करना है तो करो अब…

Shayari on Waqt image

जो करना है उसकी शुरुआत अभी से करो वरना ऐसा ना हो कि वक़्त निकल जाए…

इसीलिए हम बेहतरीन Shayari on Waqt लेकर आये है जो पढ़ कर आपकी रूह खुश हो जायेगी और आपकी सोच को एक नै दिशा मिलेगी.

Shayari on Waqt

गुज़र जाते है…खूबसूरत लम्हे

यूँ ही मुसाफिरों की तरह

यादें वही खड़ी रह जाती है,

रुके रास्तो की तरह

shamay image

आज जिस्म में जान है तो

देखते नहीं लोग..

जब रूह निकल जायेगी तो

कफ़न हटा कर देखेंगे

……….

किसी की मजबूरियों पर मत हँसिये

कोई मजबूरियां खरीद कर नहीं लाता

डरिये वक़्त की मार से…क्यूंकि

बुरा वक़्त किसी को बता कर नहीं आता

Shayari on Waqt

वक़्त नूर को बेनूर कर देता है

छोटे से ज़ख्म को नासूर कर देता है

कौन चाहता है अपनों से दूर होना..

लेकिन वक़्त सबको मजबूर कर देता है

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वक्त आने पर करवा देंगे हदो का एहसास

कुछ तालाब खुद को समंदर समझ बैठे है

……….

समय के साथ बदलने का हुनर तो हर कोई रखता है जनाब

मज़ा तो तब आये जब समय बदल जाए, लेकिन इंसान ना बदले

Shayari on Waqt

आँखों के पर्दे भी नम हो गए

बातो के सिलसिले भी कम हो गए

पता नहीं गलती किसकी है

वक़्त बुरा है या बुरे हम हो गए

Waqt image

कद्र करनी है तो जीते जी करे..

मरने के बाद तो पराये भी रो देते है

……….

जी लो हर लम्हा बीत जाने से पहले

लौट कर यादे आती है, वक़्त नहीं

……….

जिसको जो कहना है कहने दो

अपना क्या जाता है

ये वक़्त-वक़्त की बात है और

वक़्त सबका आता है

Shayari on Waqt

अभी भी वक्त है, वक़्त यूँ बेकार ना कर

खींच ले कमान पर तीर, और वार कर

ज़्यादा से ज़्यादा निशाना चूक जाएगा

जीतना है अगर, कौशिशे सौ बार कर

koshishe mage

किसी ने क्या खूब लिखा है

वक़्त निकाल कर बाते कर लिया करो अपनों से

अगर अपने ही ना रहेंगे..

तो वक़्त का क्या करोगे

……….

वक़्त से लड़कर जो अपना नसीब बदल दे

इंसान वही जो अपनी तकदीर बदल दे

कल क्या होगा कभी ना सोचो

क्या पता कल वक़्त खुद अपनी तस्वीर बदल दे

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ज़िन्दगी में अगर बुरे वक़्त नहीं आते

तो अपनों में छुपे गैर,

और गैरो में छुपे अपने

कभी नज़र नहीं आते

Shayari on Waqt

किसी ने पूछा … इस दुनिया में आपका कौन है..

मैंने हंस कर कहा…. वक़्त

अगर वो सही तो सभी अपने..

वरना कोई नहीं

Shayari on Waqt image

Friends, hame yakeen hai ki aapko ye Shayari on WAQT acchi lagi hogi. Agar aap kisi aur topic par Shayari read karna chahte hai to hame comment me zarur bataye. 

Girlfriend Impress Shayari – दिल की बात शायरी के साथ।

One thought on “Shayari on Waqt एक बार वक़्त निकल गया तो लौट कर नहीं आता।

  • nyc blog sir, muje bi shayari likne ka shok hai.

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