Bachpan Shayari वो दिन भी क्या दिन थे ऐसी शायरी कि आपका दिल खुश हो जाएगा

वो बचपन के दिन भी कितने प्यारे होते है, इतनी मिठास और चंचलता होती है कि हर कोई उम्र के साथ अपना बचपन ज़रूर याद करता है. वो बचपन में मिटटी से खेलना और बिना कपडे गंदे होने की फ़िक्र के घंटो तक यूँ ही मस्ती करते रहना मुझे आज भी याद है. जब भी मैं अपने बचपन के दिन याद करता हूँ तो बस यही सोचता हूँ कि काश…वो दिन फिर लौट आते. पर खैर, अब वो दिन तो वापिस नहीं आ सकते लेकिन उन बीते प्यारे दिनों को तो याद कर सकते है और इसी लिए हमने ये Bachpan Shayari लिखी है. ये बचपन पर शायरी आपको अपने उन कोमल और प्यारे दिनों की याद दिला देगी.

Bachpan Shayari

झूठ बोलते थे फिर भी कितने सच्चे थे हम

ये उन दिनों की बात है जब बच्चे थे हम

 

रोने की वजह भी न थी

न हंसने का बहाना था

क्यो हो गए हम इतने बडे

इससे अच्छा तो वो बचपन का जमाना था….

shayari on bachpan image

Kagaz Ki Kasti Thi Nadi Ka Kinara Tha

Khelne Ki Masti Thi Ye Dil Dulara Tha

Kha Aa Gae Smajhdari Ke Daldal Me

Wo Nadan Bachpan Bhi Kitna Pyara Tha !!

 

वो Prayer के समय Class में ही रुक जाना

पकडे जाने पे पेट दर्द का बहाना बनाना

ऐ मेरे स्कूल मुझे जरा फिर से तो बुलाना …

 

आरजू की बचपन ने खिलोने की लेकिन हालात ने डांट दिया !

ज़िन्दगी तूने मेरा बचपन भूख और बेबसी में बांट दिया !!

Bachpan Shayari

मम्‍मी की गोद और पापा के कंधे,

न पैसे की सोच और न लाइफ के फंडे,

न कल की चिंता और न फ्यूचर के सपने,

अब कल की फिकर और अधूरे सपने

 

ना कुछ पाने की आशा ना कुछ खोने का डर

बस अपनी ही धुन, बस अपने सपनो का घर

काश मिल जाए फिर मुझे वो बचपन का पहर

bachpan shayari image

 

कितने खुबसूरत हुआ करते थे

बचपन के वो दिन,

सिर्फ दो उंगलिया जुड़ने से

दोस्ती फिर से शुरु हो जाया करती थी।

Bachpan Shayari

चलो आज बचपन का कोई खेल खेलें,

बड़ी मुद्दत हुई बेवजह हंसकर नहीं देखा।

mera bachpan shayari image

 

बचपन में तो…. शामें भी हुआ करती थी 

अब तो बस सुबह के बाद  रात हो जाती है…!!

Bachpan Shayari

एक बचपन का जमाना था,

जिस में खुशियों का खजाना था.

चाहत चाँद को पाने की थी,

पर दिल तितली का दिवाना था..

purane din image

 

और तो कुछ नहीं बदला उम्र बढ़ने के साथ,

बचपन की जो ज़िद थी समझौतों में बदल गई।

Bachpan Shayari

बचपन के दिन भी कितने अच्छे होते थे,

तब दिल नहीं सिर्फ खिलौने टूटा करते थे,

अब तो एक आंसू भी बर्दाश्त नहीं होता,

और बचपन में जी भरकर रोया करते थे।

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Friends, hame yakeen hai ki aapko ye Bachpan Shayari acchi lagi hogi. Agar ye bachpan par shayari padhkar aapko bhi apne un beete dino ki yaad aayi hai to hame comment me zarur bataye.

 

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