Milad un Nabi Shayari 2021 | ईद मिलाद-उन-नबी शायरी मुबारक
आओ मेरे यार, मिलते हैं सब गले,
आई है ईद भूल, जाओ सब शिकवे गले।
आओ मेरे यार, मिलते हैं सब गले,
आई है ईद भूल, जाओ सब शिकवे गले।
अधर्म पर धर्म की विजय के प्रतीक,
पावन पर्व दशहरे की हार्दिक शुभकामनाए।
जब हम मुस्कुराते है तो,
सारी तकलीफ दूर होती है।
सीधा साधा भोला भाला मैं ही सब से सच्चा हूँ,
कितना भी हो जाऊं बड़ा माँ आज भी तेरा बच्चा हूँ।
अब क्या करोगे मेरे पास आ कर,
खो दिया तुमने मुझे बार बार आजमा कर।
प्यारी बहन को प्रेम के साथ,
मुबारक हो भाई दूज का त्यौहार।
गुलाम नहीं है हम किसी के बाप के,
शिव शम्बू भक्त है हम आपके।
एक नहीं दो – दो मात्राएं,
नर से भारी नारी।
लक्ष्य की और बढाये गए, छोटे छोटे कदम,
बाद मे विशाल लक्ष्य, भी हासिल करा देता।
कश्मीर से कन्याकुमारी,
भारत माता एक हमारी।